Thursday, February 19, 2009

गाने!

हम आप को ख्वाबों में ला ला के सतायेंगे...
हम आप की आंखों से नींदें ही चुरा ले तो...

- साहिर लुधियानवी, गीता दत्त-रफी, प्यासा (1957)

मैं जब भी ये गाना गुनगुनाता हूँ, इस शायर की शायरी पर ताज्जुब करते नही थकता हूँ!

पुनश्च:

ऑफिस में youtube की इजाज़त नही है। अब लीजिये -

3 comments:

Udan Tashtari said...

गाना भी लगा देते या उसका यू ट्यूब लिंक..तो बेहतर रहता. फिर भी आभार..सुनते हैं जाकर.

परमजीत बाली said...

पूरा गाना लिखते तो बेहतर होता।आभार।

aston said...

I think you should write the whole song .It will be nice.
========================
ASTON MARTIN
sapience