Saturday, February 7, 2009

चावल बिनना

आज चावल धोते हुए मेरे चावल बीनने का इतिहास याद आ गया -

पहले मम्मी से बोलते थे, लाइए हम बीन देते हैं। उसके बाद शुरू होता था प्रोजेक्ट। ये क्या है, ये कैसा काला काला सा चावल है। फिर काफी देर बाद मम्मी बोलती थी, तुम रहने दो, मेरा पूरा खाना बन गया और तुम अभी कंकड़ में से चावल बिन रहे हो।

अब - कोई बात नही, चलता है, I'm a non-vegetarian!

2 comments:

PD said...

बहुत बढ़िया माईक्रो पोस्ट.. :)

Shalabh said...

sahi hain beedu :)