मेरे नाना जी नें इस बार एक बात कही जो मेरे दिमाग में काफी गहरा असर कर गयी - "लालू पहले ऐसे रेल मंत्री हैं जिनके राज में रेल किराया बढ़ा ही नही।" और मैं एसी किराए की बात नही कर रहा हूँ जो शायद बढ़ता घटता रहा है, ये बात हो रही है साधारण दर्जे के रेल किराये की जहाँ पर नाम मात्र की बढोतरी भी नहीं की गयी है।
कहते हैं, आम जनता की याददाश्त बहुत छोटी होती है पर अगर कुछ काम नजर आए तो जनता याद भी रखती है। टीवी न्यूज़ चैनल लालू पर कितनी ही टीका टिप्पडी करें, इस point पर जनता में उनका acknowledgement है।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)


2 comments:
किराया नही बढा??
महाराज रेल मे यात्रा कराना यूद्द जितने जैसा हो गया है. एक तो आधा सीट तत्काल मे हो गया है. कभी भी जाइए रिजर्वेसन नही मिलने वाला. ले दे कर तत्काल मे बुक किजिये. वहा देखते देखते खत्म हो जाता है. इन्टरनेट से किजिए तो सुबह मे लिन्क फेल हि मिलेगा. तत्काल के नाम पर बहुत सारा कन्सेसन (सिनियर सिटिजेन) नही मिलेगा. तत्काल फिस बहुत ज्यादा. ट्रेन मे जाइए तो बैठने का जगह नही. बगल का सीट ३ टियर हो गया है. लट्रीन वैगैरह तो ऐसे महकता है कि कितनी बार उबकाई आ जाती है. सीट बूक किजिये किस कोच मे और ट्रैन मे वो कहि और रहेगा. अब बारह बजे रात मे समान लेकर ढुन्ढते रहिये टी टी को. टी टी भी आपकी परेशानी समझ कर वैसे ही रन्गबाजी बतिआयेगा.
लालू जी रेल को सुधारे और आम आदमी के सफर के लायक बनाये. बिहार वाली स्थिति ना लाये. बिहार मे रोड नही बनवाते थे की ये अमिरो के काम आता है. वैसा ही हालात रेल मे लाना छोड दे वो.
भाड़े का तो उतना अंदाज नहीं किन्तु रेल्वे की सुविधाओं और अन्य सेवाओं को देखकर लालू जी को बधाई देने की बनती है.
Post a Comment