ये कथा मैंने बहुत पहले अपने अंग्रेज़ी Blog में लिखी थी। आज बात बात में याद आ गई तो सोचा कि उसका हिन्दी में अनुवाद कर देता हूँ -
एक बार टीवी पर रिचर्ड एटेंबरो की गाँधी फ़िल्म आ रही तो मेरे सुपुत्र नें थोड़ी देर तक तो बड़े ध्यान से देखा और फिर पूछा - "बोले तो अंकल कहाँ हैं?"।
Saturday, May 17, 2008
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:)
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