कुछ दिन पहले एक मजेदार बात हुई। मुझे कन्नड़ के कुछ शब्द मालूम जो मैं कभी कभी बोलचाल में इस्तेमाल करने की कोशिश करता हूँ। हमारी एक मीटिंग थी जिसमें मैं थोड़ा पहले पहुच गया और वहाँ किसी को न पा कर अपने एक सहकर्मी को फ़ोन किया। वो कन्नडिगा हैं तो मैंने सोचा की कन्नड़ में ही पता करता हूँ।
मैंने पूछा - "मैं मनीष बोल रहा हूँ sir, येल्लिदिरा?"। कन्नड़ में "येल्लिदिरा" का मतलब है - "किधर हैं आप?"।
उन्होंने कहा "कौन सा मनीष?"।
मैंने समझाया कौन सा वाला मनीष तो वो बोले - "अगर तुम कन्नड़ में बोलोगे तो मैं confuse हो जाऊंगा भाई!"।
Sunday, April 20, 2008
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1 comments:
मजेदार संस्मरण.
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