इस हफ्ते तो कमाल ही हो गया है, टाईम्स ऑफ़ इंडिया में आज तीन फिल्मों की समीक्षा निकली है और तीनों को ही अच्छा या बेहतर बताया गया है। "ढोल", "लोएँस ऑफ़ पंजाब" तथा "मनोरमा - सिक्स फ़ीट अन्डर"। उसमें से पहली दो कॉमेडी हैं। आजकल कॉमेडी फ़िल्में भी काफी चल रही हैं। पीछे मैंने "हे बेबी" और "धमाल" देखी, दोनों ही काफी मज़ेदार हैं।
धमाल में एक के बाद एक चुटकुलें भरे हुये हैं, जिनमे से काफी हम इन्टरनेट पर या ईमेल में पढ़ चुके हैं। धमाल का एक सीन तो पूरा का पूरा मिस्टर बीन के कॉमेडी शो से ले लिया है। वो सीन जब जावेद जाफ़री अपना हाँथ एक व्यक्ति की पीछे वाली जेब में डाल कर उसके साथ टॉयलेट तक में चला जाता है। वैसे धमाल देखते समय मैं पूरे वक़्त हँसता रहा।
"हे बेबी" थोड़ी वयस्कों वाली कॉमेडी है, थोड़ी क्या काफी है, कहने को उसमें एक छोटा सा बच्चा भी है। बच्चों या बड़े परिवार जनों के साथ बैठ कर देखने में उलझन होगी। आप अपने बराबर के साथियों के साथ देख हो रहे हो तो हंस हंस के लोटिये ऎसी पिक्चर है।
आज की समीक्षा पढ़ कर तो लगता है कि ये तीनों फ़िल्में देखने के लायक हैं। देखते हैं!
Saturday, September 22, 2007
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