आजकल प्राइवेट रेडियो चैनल्स के आ जाने से हमारे पास काफी सारे विकल्प हो गए हैं। जैसे बैंगलोर में आप रेडियो सिटी, रेडियो वन, रेडियो मिर्ची, रेडियो इंडिगो, एस एफ एम, फीवर, विविध भारती इत्यादि सुन सकते हैं। जितने भी प्राइवेट रेडियो स्टेशन हैं उन सब पर एक से एक झंकार वाले गाने बजते रहते हैं, उनके सूत्रधार लोगों को अगर आप सूत्रधार बोलेंगे तो आपको खुद को ही अजीब लगेगा। इन सब के बीच जब कभी कभी मैं विविध भारती पर गलती से पहुच जाता हूँ तो दिल खुश हो जाता है। वहाँ के सूत्रधार गण धीरे धीरे प्यार से श्रोताओं से बात करते हैं। गानों में भी ज्यादा धूम धड़ाम नहीं होता है बड़ी ही शांति से बजते हैं। विविध भारती में आने वाले पत्र भी काफी रोचक होते हैं और आपको लगेगा कि इस शहर की भाग दौड़ से हट कर भी दुनिया है।
अगर आपनें इधर बीच काफी दिनों से विविध भारती ना सुना हो तो कृपया उसे एक बार फिर से मौका दें। खासकर जब आपको कहीं जाने की हड़बड़ी हो, मन में काफी हलचल हो, मन अशांत हो, आपको अच्छा लगेगा।
धन्यवाद
मनीष
Thursday, July 5, 2007
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1 comments:
absolutely right Manish - The people of Vividh Bharati or national radio are quiet peaceful and in no hurry to get to your neck with next request to send message or sms or ask you chose the best cuisine or dumber thing like what would you do if your boss came around in loo !
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